(रविन्द्र शामली ) भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत आज केन्द्र की सत्ताधारी दल के खिलाफ किसान क्रान्ति यात्रा के माध्यम से बिगुल फूकने की तैयारी कर चुके है। किसान को उसकी फसल का दाम समय से ना मिलने से चौधरी नरेश टिकैत सरकार से नाराज है। चौधरी नरेश टिकैत का कहना है कि चार साल से ज्यादा का समय केन्द्र मे सरकार को आये हुये हो चुका है। लेकिन किसानो से किये गये वादो को भुला दिया गया है। बे सिर पैर के फैसलो से सरकार किसान को कमजोर करने का कार्य कर रही है। ना स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागु की गई है। ना ही किसान का समय से गन्ना भुगतान किया गया है। , चीनी मिल मालिको के सामने सरकार और उसके मन्त्री बगले झाकने को मजबूर क्यो दिखाई देते है। चौधरी नरेश टिकैत के सशक्त तेवरो के सामने कई मन्त्रीयो के हाथ पॉव फूले बताये जा रहे है। चौधरी नरेश टिकैत के भाई चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि 19 हजार करोड किसानो का मिल मालिको पर बकाया है। जो सरकार को दिखाई नही देता इन्ही नितियो के कारण किसान खेती किसानी छोडने को मजबूर हो रहा है। दस वर्ष पुराने ट्रैक्टर भविष्य मे बन्द करने का सरकारी फैसला भी दुर्भाग्य पूर्ण है। किसान की एसी हालत नही है कि वो हर दस साल मे नये ट्रैक्टर खरीद सके । कई सारे और भी ज्वलन्त शील किसानो के मुद्दे है जिन्हे हम यात्रा के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से उठायेगे । चौधरी नरेश टिकैत आज सिसौली से किसानो के साथ हरिद्वार के लिये कूच करेगे और कल 23 सितम्बर से 02 अकटूबर तक किसान क्रान्ति यात्रा कर सरकार की ऑख और कान खोलने का कार्य करेगे । इस किसान क्रान्ति यात्रा मे लाखो की संख्या मे किसान भाग लेगे । यात्रा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत घाट हरिद्वार से आरम्भ होगी, पहला पडाव पतंजली बहादराबाद और आखरी पडाव राज घाट होगा । जहॉ रणसिंघा बजाया जायेगा और हरी टोपी लगाये लाखो किसान अपनी आवाज सरकार तक पहुचायेगे ।
कुस्ती के योद्धाओ के बारे मे पढये , जानिये अपने योद्धाओ को -रविन्द्र शामली (कुस्ती जगत ब्यूरो चीफ) उत्तर प्रदेश
Friday, September 21, 2018
किसानों के लिये सत्ता से जंग : नरेश टिकैत
(रविन्द्र शामली ) भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत आज केन्द्र की सत्ताधारी दल के खिलाफ किसान क्रान्ति यात्रा के माध्यम से बिगुल फूकने की तैयारी कर चुके है। किसान को उसकी फसल का दाम समय से ना मिलने से चौधरी नरेश टिकैत सरकार से नाराज है। चौधरी नरेश टिकैत का कहना है कि चार साल से ज्यादा का समय केन्द्र मे सरकार को आये हुये हो चुका है। लेकिन किसानो से किये गये वादो को भुला दिया गया है। बे सिर पैर के फैसलो से सरकार किसान को कमजोर करने का कार्य कर रही है। ना स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागु की गई है। ना ही किसान का समय से गन्ना भुगतान किया गया है। , चीनी मिल मालिको के सामने सरकार और उसके मन्त्री बगले झाकने को मजबूर क्यो दिखाई देते है। चौधरी नरेश टिकैत के सशक्त तेवरो के सामने कई मन्त्रीयो के हाथ पॉव फूले बताये जा रहे है। चौधरी नरेश टिकैत के भाई चौधरी राकेश टिकैत का कहना है कि 19 हजार करोड किसानो का मिल मालिको पर बकाया है। जो सरकार को दिखाई नही देता इन्ही नितियो के कारण किसान खेती किसानी छोडने को मजबूर हो रहा है। दस वर्ष पुराने ट्रैक्टर भविष्य मे बन्द करने का सरकारी फैसला भी दुर्भाग्य पूर्ण है। किसान की एसी हालत नही है कि वो हर दस साल मे नये ट्रैक्टर खरीद सके । कई सारे और भी ज्वलन्त शील किसानो के मुद्दे है जिन्हे हम यात्रा के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से उठायेगे । चौधरी नरेश टिकैत आज सिसौली से किसानो के साथ हरिद्वार के लिये कूच करेगे और कल 23 सितम्बर से 02 अकटूबर तक किसान क्रान्ति यात्रा कर सरकार की ऑख और कान खोलने का कार्य करेगे । इस किसान क्रान्ति यात्रा मे लाखो की संख्या मे किसान भाग लेगे । यात्रा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत घाट हरिद्वार से आरम्भ होगी, पहला पडाव पतंजली बहादराबाद और आखरी पडाव राज घाट होगा । जहॉ रणसिंघा बजाया जायेगा और हरी टोपी लगाये लाखो किसान अपनी आवाज सरकार तक पहुचायेगे ।
Tuesday, September 18, 2018
अंधेरी दुनिया का चमकता सितारा अंकुर धामा
उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गॉव खेकडा निवासी अंकुर धामा को अर्जुन अवार्ड मिलने की घोषणा होने पर खुशी मे पूरा खेकडा गॉव झूम उठा है। अंकुर धामा दिव्यागं एथलीट है। बचपन मे पॉच साल की उम्र मे अकुंर जब अपने साथियो के साथ रंगो से होली खेल रहा था तब उसकी ऑखो मे रंग चला गया था । जहॉ होली को रंगो का त्योहार माना जाता है। उसी दिन अंकुर की ऑखो की रोशनी चली गई थी l परिवार ने बहुत इलाज करवाया लेकिन कामयाबी ना मिली और अंकुर की जिन्दगी मे अंधेरा छा गया था । अंकुर की कामयाबी से कोई भी खिलाडी प्रेरणा ले सकता है। बचपन से ही अंकुर इस अंधेरी दुनिया मे चमकने का इरादा कर बैठा दृष्टि हीन होने के बावजूद अंकुर अपनी मेहनत से अपने आपको साबित करने मे कामयाब हो गया । अर्जुन अवार्ड मिलने की बात का जिकर आते ही अंकुर के परिवार वालो की ऑखो से आसू छलक पडते है। अंकुर धामा ने अपनी शिक्षा लोदी रोड स्थित जे0 पी0 एम सीनियर सैकेण्डरी स्कूल फोर ब्लाईण्ड सें प्राप्त की है। इस स्कूल के शिक्षकों ने अंकुर के खेल के प्रति रूझान को देखकर ही उसे दौड मे भाग लेने के लिये प्रेरित किया था। अंकुर ने 2016 के पैरा ओलम्पिक मे भी भाग लिया था लेकिन क्वालिफाई करने से चूक गया था l अब अंकुर का जकार्ता के अन्दर होने वाले खेलो मे पदक जीतना अकुर का सपना है। अंकुर का युवाओ के लिये संदेश है।
कि उम्मीद ना छोडे हर मुश्किल मे उम्मीद की किरण छिपी होती है । अंकुर धामा को पहली बडी कामयाबी साल 2009 मे मे मिली थी । अंकुर ने वर्ल्ड यूथर स्टूडेन्ट चैम्पियनशिप मे दो गोल्ड जीतकर अपना लोहा मनवाया था । अंकुर धामा ने साल 2014 मे एशियन पैरा गेम्स मे एक सिलवर दो कास्य पदक जीते थे इस बार अक्टूबर के महीने मे होने जा रही पैरा एशियन चैम्पियनशिप मे अंकुर धामा 15000 मीटर व 5000 मीटर दौड मे भाग लेगा । अंकुर धामा दिल्ली मे स्थित यूनियन बैक मे सहायक मैनेजर अधिकारी के पद पर कार्यरत है। जिला बागपत को अंकुर धामा ने यह छटा अर्जुन अवार्ड दिलाया है। इससे पहले श्री सुभाष वर्मा पहलवान , राजीव तोमर पहलवान , शौकिन्द्र तोमर पहलवान , सुनील राणा , विवके सिंह को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है।
कि उम्मीद ना छोडे हर मुश्किल मे उम्मीद की किरण छिपी होती है । अंकुर धामा को पहली बडी कामयाबी साल 2009 मे मे मिली थी । अंकुर ने वर्ल्ड यूथर स्टूडेन्ट चैम्पियनशिप मे दो गोल्ड जीतकर अपना लोहा मनवाया था । अंकुर धामा ने साल 2014 मे एशियन पैरा गेम्स मे एक सिलवर दो कास्य पदक जीते थे इस बार अक्टूबर के महीने मे होने जा रही पैरा एशियन चैम्पियनशिप मे अंकुर धामा 15000 मीटर व 5000 मीटर दौड मे भाग लेगा । अंकुर धामा दिल्ली मे स्थित यूनियन बैक मे सहायक मैनेजर अधिकारी के पद पर कार्यरत है। जिला बागपत को अंकुर धामा ने यह छटा अर्जुन अवार्ड दिलाया है। इससे पहले श्री सुभाष वर्मा पहलवान , राजीव तोमर पहलवान , शौकिन्द्र तोमर पहलवान , सुनील राणा , विवके सिंह को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है।
Sunday, September 16, 2018
नरेंद्र पहलवान का वर्ल्ड फायर कुस्ती गेम्स में गोल्ड पर कब्जा
(रविन्द्र शामली ) साउथ कोरिया में 13th वर्ल्ड फायर कुस्ती गेम्स का 09 सितम्बर से 17 सितम्बर तक आयोजन हुआ l जिसमे कैर गांव के पहलवान नरेंदर ने 120 kg वजन में अपनी कुस्ती कला का लोहा मनवाते हुये विपक्षी पहलवानो को हरा कर , दो
गोल्ड मैडल जीत देश का शिर शान से उॅचा कर दिया l नरेंदर पहलवान की इस उपलब्धि पर देश की आन, बान, शान, पहलवान सुशील कुमार , रविंद्र सांगवान डी0 एस0 पी0, प्रवेश वर्मा सांसद , मनिंदर सिरसा विधायक , पार्षद सुमन डगर , अजय शर्मा फॉर्मर चीफ फायर सर्विस, रघुबीर सेहरावत , बब्बु खलीफा , सुरेंद्र कालीरमन अधिवक्ता , रविन्द्र शामली , देवेंद्र पहलवान, भीम पहलवान और कैर गांव के लोगो ने बधाई दी भारत पहुंचने पर पहलवान नरेंद्र का गांव कैर में भव्य स्वागत किया जायेगा l
रविन्द्र शामली
कुस्ती जगत
गोल्ड मैडल जीत देश का शिर शान से उॅचा कर दिया l नरेंदर पहलवान की इस उपलब्धि पर देश की आन, बान, शान, पहलवान सुशील कुमार , रविंद्र सांगवान डी0 एस0 पी0, प्रवेश वर्मा सांसद , मनिंदर सिरसा विधायक , पार्षद सुमन डगर , अजय शर्मा फॉर्मर चीफ फायर सर्विस, रघुबीर सेहरावत , बब्बु खलीफा , सुरेंद्र कालीरमन अधिवक्ता , रविन्द्र शामली , देवेंद्र पहलवान, भीम पहलवान और कैर गांव के लोगो ने बधाई दी भारत पहुंचने पर पहलवान नरेंद्र का गांव कैर में भव्य स्वागत किया जायेगा l
रविन्द्र शामली
कुस्ती जगत
Monday, September 3, 2018
मिलिए सचिन राठी पहलवान से
सचिन राठी पहलवान का जन्म जिला बागपत के गांगडोली ग्राम मे 10 जौलाई सन 1998 मे हुआ था । सचिन का परिवार खेती बाडी का कार्य करता है । पहलवान सचिन राठी अपने चार भाई और दो बहनो मे सबसे छोटे है। सचिन राठी ने 12 वी तक की शिक्षा गॉव दोघट के गॉधी स्मार्क इण्टर कॉलिज जिला बागपत से की है। सचिन राठी के गॉव गांगडोली के पास ही दोघट गॉव पडता है। सचिन की काबिलियत को सबसे पहले दोघट गॉव के पहलवान माठू ने पहचाना था । आज माठू पहलवान की पारखी नजरो का पूरा क्षेत्र लोहा मानता है। माठू पहलवान सचिन राठी को उनके गॉव मे ही कुस्ती के दॉव पैच सिखाने के लिये अपने गॉव दोघट से गॉगडोली आया करते थे । साल 2013 मे सचिन राठी गुरू हनुमान अखाडे मे आ गये जहॉ पर सचिन को आधुनिक द्रोणाचार्य श्री महासिंहराव ,प्रवीण बिन्ना , चरणदास ,नवीन मोर , जैसे लोगो का सान्धिय प्राप्त हुआ । एक साल बाद ही पहलवान सचिन राठी ने
साल 2014 मे कैडिट मे रजत प्राप्त किया
साल 2015 मे कैडिट मे गोल्ड प्राप्त किया
साल 2015 मे कैडिट एशिया मे कास्य प्राप्त किया
साल 2015 मे कैडिट वर्ल्ड चैम्पियनशिप मे 5 वॉ स्थान प्राप्त किया l
साल 2016 मे जूनियर नेशनल मे रजत पदक प्राप्त किया ।
साल 2016 मे सचिन राठी को नेवी मे नौकरी प्राप्त हुई खेल कोटे से l
साल 2016 मे जुनियर नेशनल मे रजत प्राप्त किया ।
साल 2017 मे साई नेशनल मे गोल्ड प्राप्त किया ।
साल 2017 मे भारत कुमार का टाईटल दिल्ली मे जीत लिया।
साल 2018 मे जूनियर नेशनल मे गोल्ड प्राप्त किया ।
साल 2018 मे एशियन चैम्पियनशिप मे गोल्ड प्राप्त किया l
सचिन राठी सिनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिये भी क्वालिफाई कर चुके है। वो भी फस्ट पोजीशन के साथ यही नही सचिन राठी जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिये भी क्वालिफाई कर चुके है। जुनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप 17 सितम्बर से सुरू होने वाली है और सीनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप हंगरी मे 20 अक्टूबर से सुरू होने वाली है। दोनो ही प्रतियोगिताओ के लिये पहलवान सचिन राठी ने क्वलीफाई किया है।
साल 2014 मे कैडिट मे रजत प्राप्त किया
साल 2015 मे कैडिट मे गोल्ड प्राप्त किया
साल 2015 मे कैडिट एशिया मे कास्य प्राप्त किया
साल 2015 मे कैडिट वर्ल्ड चैम्पियनशिप मे 5 वॉ स्थान प्राप्त किया l
साल 2016 मे जूनियर नेशनल मे रजत पदक प्राप्त किया ।
साल 2016 मे सचिन राठी को नेवी मे नौकरी प्राप्त हुई खेल कोटे से l
साल 2016 मे जुनियर नेशनल मे रजत प्राप्त किया ।
साल 2017 मे साई नेशनल मे गोल्ड प्राप्त किया ।
साल 2017 मे भारत कुमार का टाईटल दिल्ली मे जीत लिया।
साल 2018 मे जूनियर नेशनल मे गोल्ड प्राप्त किया ।
साल 2018 मे एशियन चैम्पियनशिप मे गोल्ड प्राप्त किया l
सचिन राठी सिनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिये भी क्वालिफाई कर चुके है। वो भी फस्ट पोजीशन के साथ यही नही सचिन राठी जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिये भी क्वालिफाई कर चुके है। जुनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप 17 सितम्बर से सुरू होने वाली है और सीनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप हंगरी मे 20 अक्टूबर से सुरू होने वाली है। दोनो ही प्रतियोगिताओ के लिये पहलवान सचिन राठी ने क्वलीफाई किया है।
*************
रविन्द्र शामली
कुस्ती जगत
रविन्द्र शामली
कुस्ती जगत
Tuesday, August 21, 2018
हिन्द केशरी नेत्रपाल मेरे आदर्श -अरूण दूबे
अरूण दूबे मेरे प्रिय मित्रो मे से एक है। खेल के लिये इनका बडा योगदान रहा है। अरूण जी का जन्म हरियाणा के फरीदाबाद मे सन- 1988 मे हुआ था अरूण जी के पिता का नाम अशोक कुमार व माता का नाम नीलम देवी है। अरूण दूबे जी ने कक्षा 12 की शिक्षा प्राप्त की है। हरियाणा के फरीदाबाद मे ही हिन्द केशरी नेत्रपाल पहलवान जी भी रहा करते है। अरूण दुबे बहुत दिनो पहले एक बार हिन्द केशरी नेत्रपाल के सर्म्पक मे आये और नेत्र पाल की बातो का अरूण दुबे पर विशेष प्रभाव पडा , ऐसा प्राभाव पडा की अरूण दुबे पहलवान नेत्रपाल के पास जब भी समय लगता जाने लगे नेत्र पाल जी अरूण दुबे को अपनी कुस्ती की कहानी व किस्से सुनाया करते कही दंगल से नेत्र पाल पहलवान जी का बुलावा आता तो अरूण दुबे भी नेत्रपाल के साथ कुस्ती देखने जाने लगे । अब तो नेत्र पाल अरूण दुबे के आदर्श कहो या गुरू बस नेत्रपाल बन चुके थे । अरूण दुबे ने सुरूवात मे पत्रकारीता की और उसके बाद मे एक अच्छा सा कैमरा खरीदा और दंगलो की विडियोग्राफी करनी सुरू करदी 2016 की जनवारी से अरूण दुबे ने कैमरे के रूप मे कुस्ती की सेवा के लिये अपने हथियार उठा लिये और फिर कभी पीछे मुडकर नही देखा अरूण दुबे को लग्न और जनून इतना था कि 2016 से 2018 तक ही एक हजार से ज्यादा राष्ट्रीय लेविल के दंगलो को अपने कैमरे मे रिकोर्ड कर डाला अपने छोटे से कैरियर के दौरान ही दूबे जी ने कई खिलाडियो को फर्स से आसमान तक उडान भरते देखा अरूण दुबे के होसले के आगे हरियाणा ,दिल्ली राजिस्थान , महाराष्ट्र , पंजाब , उत्तर प्रदेश जैसे राज्य छोटे पडने लगे दुबे का कद दिन प्रतिदिन बढने लगा दूर दूर से बुलावे आने सुरू हो गये --------थोडी दुसरे राज्यो मे भाषा की समस्या जरूर आई लेकिन प्यार बेहिसाब मिला अरूण दुबे का मानना हे कि मेरे आदर्श हिन्द केशरी नेत्रपाल पहलवान जी ही है। यदि नेत्र पाल जी ना होते तो ये दुबे इस क्षेत्र मे कभी ना आता अरूण दुबे की मेहनत ने अरूण दूबे के कद को साबित कर के दिखाया बिना रूके बिना थके दूबे अपनी मेहनत को अन्जाम देते रहे अरूण दुबे जी एक ऐसे इन्सान है। जिन्होने कोई स्टार पहलवान हो या कोई गॉव का सामान्य पहलवान बराबर का दर्जा देने मे दुबे कभी पीछे ना हटे अरूण दुबे का कहना हैं कि स्टार के पीछे तो दुनिया भागती है। मैने तो साधारण पहलवानो को भी स्टार के दर्जे से कवर किया है। क्योकि आज का साधारण ही कल को असाधरण बनकर सामने आता है। अरूण दुबे अपने कैमरे से पुरुष व महिला पहलवानो की कुस्तीयो को कवर करने के साथ साथ कई तरह से शानदार फोटो ग्राफी करने के लिये मसहूर है। फरीदाबाद मे अरूण दुबे की एक अपनी पहचान और नाम हें लेकिन दूबे कहते है की प्यार से प्यार मिलता है। मै प्यार बाटता जाता हू लोग मुझे और ज्यादा प्यार देते जाते है। बचपन के दिनो को याद कर दुबे जी कहते है कि कई बार मै जब पढाई के दिनो मे दंगल देखने जाता था तो जी करता था की मै भी पहलवान बनू ( ये अन्दर की बात है पहलीबार जबान पर आई ) लेकिन सायद समय निकल चुका था और परिस्थितिया अनुकूल भी नही थी इसलिये मैने दूसरा रास्ता चुन लिया और जितना भी कार्य इस क्षेत्र मे किया बिलकुल दिल से किया । लगातार अरूण दूबे अपनी सेवा कुस्ती के क्षेत्र मे दे रहे है। कई लोगो ने मुझे भी कहा की तुम्हारा मित्र अरूण दुबे कुस्ती के क्षेत्र की विडियो ग्राफी करने के मामले मे भविष्य का चमकता सितारा है। मैने जब ये बात अरूण दुबे को बताई तो बोले की मजाक क्यो करता है। मैने कहा की मजाक तो मै करता ही नही कभी किसी का मैने आपको सत्य बात बताई मेरा हाथ पकड कर बोले की ये बाते मेरे लिये मील का पत्थर साबित होगी इन बातो से मेरा हौसला कई गुना बढ गया है।
llरविन्द्र शामली ।l
कुस्ती जगत ब्यूरो चीफ
उत्तर प्रदेश
कुस्ती जगत ब्यूरो चीफ
उत्तर प्रदेश
Monday, August 20, 2018
एक लाख रुपये, घी, बदाम व भैस बजरंग के नाम - बब्बु खलीपा
दिल्ली कुस्ती प्रमोटर टीम के अध्यक्ष श्री बब्बु खलीपा का मानना है कि जिस प्रकार केवल नारा मार देने से कोई देश भगत नही होता उसी प्रकार केवल शुभकामना देने से किसी पहलवान का भला नही हो सकता दिल्ली की कुस्ती प्रमोशन टीम बब्बु खलीपा के निर्देशन मे कार्य करती है। बब्बु खलीपा ने अभी अभी ये फैसला लिया की केवल बधाई संदेश से पहलवानी और पहलवान का भला नही हो सकता है। जल्द ही श्री बब्बु खलीपा की कुस्ती प्रमोशन टीम बजरंग पहलवान को 100 किलो घी , 100 किलो बदाम , 1 लाख रू0 तथा एक भैस बधाई संदेश के साथ इनाम मे देगी । दिल्ली कुस्ती प्रमोशन टीम के पंकज अग्रवाल , महानन्द सिघल , सुरेन्द्र कालीरमण, अर्जुन सुद व विक्रम वशिष्ठ प्रवीण गोयल , सुरेन्द्र कुमार पूर्व विधायक , अतुल जैन (डी एस ग्रुप) , कौशल गुप्ता, अलोक दुबे ने बब्बु खलीपा के प्रस्ताव पर अपनी मोहर लगा दी है। जल्द ही दिन व दिनाकं की घोषणा की जायेगी।
llरविन्द्र शामली ll
कुस्ती जगत
कुस्ती जगत
अटल बिहारी वाजपेयी को दंगल मे दी गई श्रद्धाजंलि - सुरेन्द्र कालीरमण
नई दिल्ली (रविन्द्र शामली) रविवार को दिल्ली (आई एस बी टी ) के सामने गुरू चिरंजी अखाडे मे गुरू बेला पहलवान की स्मृति मे विशाल दंगल का आयोजन किया गया जिसमे एक सौ पचास से ज्यादा कुस्तीया पुरुष व महिलाओ के बीच हुई सभी पहलवानो को इनाम दिया गया जिसमे सबसे बडी कुस्ती 51000 रू के इनाम पर रोहित (अखाडा तेज सिंह) व कपिल धामा (गुरू हनुमान) के बीच हुई जिसमे रोहित अंको के आधार पर विजेता रहे तथा कपिल धामा उप विजेता रहे । दंगल मे दूर दूर से आये सभी कोच, खलीपा व पहलवानो ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धाजंलि देकर याद किया दंगल मे मुख्य अतिथि महानन्द प्रसाद सिंघल , जय प्रकाश अग्रवाल (पूर्व सांसद), सुरेन्द्र सिंह (पूर्व विधायक), गुरू हनुमान अखाडे के स्टार पहलवान नवीन मोर , पंकज अग्रवाल , प्रवीण गोयल ,अर्जुन सूद , कौशल गुप्ता , सुभाष राणा रहे । दंगल का आयोजन प्रशlन्त रोहतगी (बब्बु खलीपा), सुरेन्द्र कालीरमण एडवोकेट , विकास पहलवान , विक्रम वशिष्ठ ने किया ।
Subscribe to:
Posts (Atom)






